Gaganyaan Chandrayaan 2 के बाद | ISRO

Gaganyaan

दोस्तों भारत आज अंतरिक्ष की तमाम बुलंदियों को बड़ी आसानी से छू रहा है जिसकी कल्पना भी एक समय पे किसी ने नहीं की होगी फिर चाहे मिशन मंगल हो या चंद्रयान 2 और दोस्तों इस तरह के मिशन से भारत ने पूरी दुनिया को अपने ताकत का अहसास कराया। चंद्रयान 2 के सफल लांच के बाद से ही लोगो के मन में यह सवाल आने लगे है की वो समय कब आएगा की अपने लोगो को भारत spacecraft के जरिए स्पेस (Space) में भेजेगा। Gaganyaan, Space, Spacecraft, ISRO 

Chandrayaan 2 के बाद Gaganyaan

भारत के पास कमल की टेक्नोलॉजी पहले से मौजूद है की इस कारनामे को भी भारत खुद के दम  पर पहले ही अंजाम दे चूका होता लेकिन मानव युक्त स्पेस (Space) मिशन यानी की गगनयान  (Gaganyaan) में इतने देरी क्यों हुई और कब इसे अंजाम दिया जायेगा आज के इस आर्टिकल में गगनयान (Gaganyaan) के बारे में पूरी बात जानेंगे तो चलिए शुरू करते है।

गगनयान (Gaganyaan) Indian Crewed Orbital Spacecraft है जिसे की 2 से 3 लोगों को स्पेस (Space) में ले जाने के लिए तैयार  किया जा रहा है।  यह मिशन भारत का पहला ऐसा मिशन होगा जिसमे spcecraft के साथ साथ astronaut को भी भेजा जाएगा इसे लांच करने की तैयारी दिसंबर 2021 में है, इसे भारत के सबसे ताकतवर मिसाइल GSLV Mark 3 मदद से लांच करना है और दोस्तों 3.7 टन भारी यह कैप्सूल धरती की 400 किलोमीटर की उचाई पर 7 दिनों तक पृथ्वी के चक्कर लगाएगा और दोस्तों वैसे तो गगनयान (Gaganyaan) मिशन को काफी साल पहले से प्लान किया जा रहा है। Gaganyaan, Space, Spacecraft, ISRO

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लेकिन बहुत कम फंडिंग मिलने की वजह से इसे अभी तक एक्सेक्यूट नहीं हो पाया था लेकिन 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने इस प्रोजेक्ट के लिए अच्छी फंडिंग देने की घोषड़ा की और फिर यही से गगनयान (Gaganyaan) मिशन की तैयारी तेजी से शुरू कर दी और दोस्तों 124 बिलियन वाले इस प्रोजेक्ट में Astronaut को कड़ी ट्रेनिंग देने के लिए बंगलोर में एक Training Facility की शुरुआत की गयी। Space में कई दिनों तक रहना हर किसी के बस की बात नहीं होती है  क्यूंकि space में वही व्यक्ति रह  Physically फिट होने के साथ साथ Mentally भी फिट हो। यही वजह है की  आम इंसान की जगह पर AirForce के Experinced pilot को इस काम के लिए चुना जा रहा है।  जिस तरह से अमेरिका के अंतरिक्ष यात्रियों को Astronaut और रूस के अंतरिक्ष यात्रियों को Cosmonaut कहा जाता है वैसे ही भारत के अंतरिक्ष यात्रियों को Vyomanauts कहा जायेगा। Gaganyaan, Space, Spacecraft, ISRO

Vyomanauts शब्द संस्कृत और इंग्लिश के शब्दों से बना हुआ है और दोस्तों गगनयान (Gaganyaan) को सफल बनाने  भारत ने हर जरुरी टेस्ट जैसे की  re-entry space capsule, pad abort test, safe crew ejection mechanism और GSLV Mark 3 launch vechile जैसे हर टेस्ट को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।  गगनयान (Gaganyaan) 3.7 टन का एक spacecraft होगा जो की 2 से 3 Vyomanauts को space में ले जाकर वापस लेकर आएगा  craft lifesupport और environmental system से लैस होगा साथ ही इसमें emergency mission abort and emergency escape का सिस्टम लगा होगा क्यूंकि राकेट की 1st stage या 2nd stage में खराबी  के बाद से Spacecraft की सेफ्टी के लिए उपयोग किया जा सकता है। इस Spacecraft को Satish Dhawan Space Center Sriharikota से लांच करने की तैयारी है। Space, spacecraft

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Launching के करीब 16 मिनट बाद यह Spacecraft अंतरिक्ष में पृथ्वी से करीब 400 किलोमीटर  ऊपर खुद को स्थापित कर लेगा और फिर 7 दिनों तक गगनयान (Gaganyaan) अपने मिशन को  अंजाम देने के बाद से Vyomanauts को अपने साथ लिए  bay of bengal जो की हिन्द महासागर का हिस्सा है उसमे लैंड कराया जायेगा।  भारत के लोगो का पूरा ख्याल रखने के लिए Test Flight 1 दिसंबर 2020 और Test Flight 2 जुलाई 2021 में लांच करने के बाद ही दिसंबर 2021 में अंतरिक्ष यात्रियों को भेजा जायेगा। Gaganyaan, Space, Spacecraft, ISRO

अंत में दोस्तों मैं बस यही कहना चहूंगा यह मिशन भारत के लिए बहुत जरुरी  मिशन है साथ ही इसे पहली बार में सफलता पूर्वक अंजाम देना भी बहुत बड़ी बात होगी  लेकिन जैसा की हम सभी जानते है की हमारे देश के वैज्ञानिक कठिन से कठिन काम को भी आसानी से अंजाम देने की काबिलियत रखते है। Gaganyaan, Space, Spacecraft, ISRO

  उमीद करते है की यह मिशन सफलतापूर्वक अपने काम को अंजाम देगा और अमेरिका, चीन और रूस के बाद से चौथा ऐसा देश बन जायेगा जो अपने लोगो को अंतरिक्ष में भेजेगा। उम्मीद करते है गगनयान (Gaganyaan)की यह जानकारी आपको जरूर पसंद आएगी आपका बहुमूल्य समय देने के लिए धन्यबाद मिलते है जल्द ही एक नई  जानकारी के साथ।

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