Yuzvendra Chahal|Indian Cricketer|Former Chess Player

Yuzvendra Chahal

दोस्तों जैसा की हम सभी को पता है इस समय इंग्लैंड में वर्ल्डकप चल रहा है और भारतीय टीम से हमे बहुत उम्मीदें है।  भारतीय टीम बहुत अच्छा प्रदर्शन भी कर रही है और हमे पूरा उम्मीद है इस बार का वर्ल्डकप भारत टीम ही जीत कर आए लेकिन दोस्तों भारत टीम को वर्ल्डकप जितना है तो भारत टीम के सभी खिलाड़ी को ऐसे ही अच्छा प्रदर्शन आगे के मैचों में भी करना होगा चाहे वो बैट्समैन हो या बॉलर। दोस्तों आज का यह पोस्ट भारतीय टीम के सबसे खतरनाक गेंदबाज में से एक युजवेंद्र चहल (Yuzvendra Chahal)  के बारे में है। आप युजवेंद्र चहल  को उनकी गेंदबाजी के लिए जानते ही है लेकिन क्या आपको पता है ? युजवेंद्र चहलसिर्फ एक क्रिकेटर ही नहीं बल्कि नेशनल लेवल पर चैस चैंपियनशिप भी अपने नाम कर चुके है। लेकिन वो चैस छोड़कर क्रिकेट में कब और कैसे आए ? सब कुछ जानेंगे आज के इस पोस्ट में तो चलिए शुरू करते है।

युजवेंद्र चहल (Yuzvendra Chahal) का शुरूआती जीवन

इस कहानी की शुरुआत होती है 23 जुलाई 1990 से जब हरियाणा के जींद शहर से जब युजवेंद्र चहल (Yuzvendra Chahal)   का जन्म हुआ। युजवेंद्र के पिता का नाम K.K चहल है जो की हिन्द कोर्ट में वकील के पोस्ट पे काम किया करते थे। उनकी माँ का नाम सुनीता देवी था।  दोस्तों युजवेंद्र को घर में सबसे छोटे होने की वजह से खूब प्यार भी मिला। चहल की 2 बड़ी बहन भी है।  चहल को वैसे तो बचपन में कोई खास दिलचस्पी तो नहीं थी लेकिन चैस खेलना उन्हे बहुत पसंद था। इस खेल में वो इतने अच्छे थे की उनके मित्र उन्हें Chess Boy के नाम से बुलाते थे। युजवेंद्र अपनी शुरूआती पढ़ाई DAV Public School से करने के बाद युजवेंद्र चहल चैस (Chess) के अच्छे खिलाड़ी बन चुके थे, और यहाँ तक की नेशनल लेवल पर खेले गए Under-12 Chess Championship अपने नाम कर चुके है। इसके अलावा उनहोंने Asian Youth Championship में भी भारत को उनहोंने  Represent किया।

Yuzvendra Chahal

अभी तक युजवेंद्र ने चैस के खेल में ही अपना करियर बनाने को सोच लिया था लेकिन यह ऐसा खेल है जिसमे की स्पॉन्सर(sponsar) का होना बहुत जरुरी है और अब यहाँ से आगे बढ़ने के लिए युजवेंद्र चहल को 50 लाख की जरुरत थी लेकिन दुर्भाग्य से कोई भी स्पॉन्सर ना मिलने पर चहल को यह खेल छोड़ना पड़ा और अब युजवेंद्र चहल ने अपना धयान क्रिकेट की तरफ  केंद्रित करना शुरू कर दिया। यहाँ पे अपने बेटे के प्रतिभा को पहचानते हुए  चहल के घर वाले ने उनका पूरा साथ दिया। चहल के पिता ने अपने खेत का बड़ा हिस्सा क्रिकेट के पिच में तब्दील करा दिया और वही पर युजवेंद्र अपने बोलिंग की प्रैक्टिस किया करते थे।

Yuzvendra Chahal

बहुत ही जल्द अपनी  मेहनत वजह से state के Under 14 team में जगह बना ली और यहाँ पर अपने शानदार प्रदर्शन के बाद से Under 16, 17, 18, 19, 23 और Under  25 में अपने State की Cricket Team की तरफ से खेलते हुए दिखाई दिए। Cricket Lovers की नजर में पहली बार तब आए थे। जब Coach Bihar Trophy में अपनी टीम की तरफ से  खेलते हुए उन्होंने कुल 34 विकेट लिए और फिर इसी प्रदर्शन की वजह से वो हरियाणा की रणजी टीम में अपनी जगह बनाने में कामयाब हो गए, और 3 नवंबर 2009 को उनहोंने मध्य प्रदेश के खिलाफ अपना डेब्यू किया। डोमेस्टिक क्रिकेट में उनके शानदार बोलिंग को देखते हुए , 2011 के IPL में मुंबई इंडियंस ने उन्हे खरीद लिया लेकिन पुरे सीजन में प्लेइंग 11 में एक बार ही दिखाई दिए।

Champion League T20 में मुंबई के तरफ से सरे मैच खेले और यहाँ पर अपनी शानदार बोलिंग से सबको खुश कर दिए, इस लीग के फाइनल मुकाबले में RCB के खिलाब 9 रन देकर 2 विकेट लिए लेकिन आगे चलकर युजवेंद्र को मुंबई की तरफ से ज्यादा मौका नहीं दिया गया। जब 2014 में युजवेंद्र चहल (Yuzvendra Chahal) को RCB ने खरीदा तब  जलवा बिखेरना शुरू किया।  2014 में 12 विकेट और 2016 में 21 विकेट के साथ IPL के सबसे दूसरे सबसे ज्यादा विकेट वाले गेंदबाज बने।

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Yuzvendra chahal

Domestic और IPL  शानदार प्रदर्शन के दम पर उनहोंने भारतीय नेशनल टीम में अपनी जगह बना ली और 2016 के Zimbabwe Tour में पहली बार भारतीय टीम में शामिल हुए, 11 जून 2016 को युजवेंद्र चहल ने अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया इसके अलावा 18 जून 2016 को T20 में डेब्यू किया। फिर 1 फ़रवरी 2017 को T20 के एक मैच में 6 विकेट लेने वाले पहले भारतीय गेंदबाज बने।  आज के समय में युजवेंद्र चहल (Yuzvendra Chahal)  भारतीय टीम के अहम् हिस्सा बन चुके है। 

उम्मीद करते है की चैस प्लेयर्स के बाद से क्रिकेट के खेल  में अपना दम दिखाने वाले युजवेंद्र चहल की यह कहानी आपको पसंद आई होदी अपना बहुमूल्य समय देने के लिए धन्यवाद। 

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