Super 30: The Untold True Story | Anand Kumar | Indian Mathematician | Hrithik Roshan

दोस्तों भारत एक ऐसा देश है जहाँ पर गरीब बच्चों के लिए अच्छी शिक्षा प्राप्त करना कभी भी आसान नहीं रहा है क्यूंकि यहाँ पर शिक्षा को ज्ञान के नजरिए से कम बल्कि व्यापार के नजरिए से ज्यादा देखा जाता है, यही वजह है की आज कल कोचिंग, स्कूल और कॉलेज चलाने वाले बहुत सरे लो करोड़पति बन गए है।  लेकिन दोस्तों आज के समय में  बहुत ही कम लेकिन कुछ लोग ऐसे है जो शिक्षा का अस्तित्व जीवित रखे हुए है।

आज हम इस आर्टिकल के जरिये ऐसे ही इंसान की बात करेंगे। वैसे आपने देखा होगा अपने देश में एक अभिनेता, खिलाड़ी या बिज़नेसमैन को लोकप्रियता बड़ी आसानी से मिल जाती है, लेकिन जब बात अति है एक टीचर की तो ऐसा बहुत कम होता है की सफल होने के बाद से उन्हें भी कोई याद करले।

 

Super 30

दोस्तों हम आज इस आर्टिकल में एक ऐसे शिक्षक के बारे में जानेंगे जो की अपने शानदार काम की वजह से न सिर्फ भारत में बल्कि दुनिये के कई हिस्सों में लोकप्रिय है। जी हाँ दोस्तों हम बात कर रहे है Super 30 Training program चलने वाले आनंद कुमार के बारे में जो उन गरीब बच्चों को IIT के एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी कराते है जो पैसे देकर प्राइवेट कोचिंग में पढ़ाई नहीं कर सकते है।

शायद आपको यह बात जानकर हैरानी हो 2002 से लेकर 2018 तक उनके पढ़ाए हुए 480 में से 422 बच्चें IIT के एंट्रेंस एग्जाम को पास कर चुके है। और यह आकड़े  super30 की कामयाबी को साफ़-साफ़ दिखता है। 

चलिए दोस्तों आज के इस पोस्ट में जानते है, गरीबों के लिए मसीहा का काम  करने वाले आनंद कुमार की पूरी लाइफ स्टोरी (Biography) के बारे में।

नंद कुमार की पूरी लाइफ स्टोरी (Biography)

इस कहानी  शुरुआत होती है 1 जनवरी 1973 को जब बिहार के पटना शहर में आनंद कुमार जन्म हुआ। उनके पिता डाकखाना में क्लर्क के पोस्ट पे काम किया करते थे, और उनकी माँ जयवंती देवी गृहणी थी। आनंद के पिता की कमाई ज्यादा नहीं थी इसकी वजह से आनंद के बचपन का जीवन बहुत कठनाइयों से भरा था। आर्थिक स्तिथि सही ना होने के कारण आनंद ने अपनी शुरूआती पढ़ाई पटना के सरकारी स्कूल से की, यहाँ पर पढ़ाई करते समय आनंद Maths में बहुत अच्छे थे। शुरूआती पढ़ाई खत्म  बाद आनंद ने बिहार नेशनल कॉलेज (Bihar National College) से आगे की पढ़ाई की। 

पढ़ाई पूरी करने के बाद से आनंद अपने परिवार पर आर्थिक दबाव  नहीं डालना चाहते थे, इसीलिए उनहोंने 1992 में एक छोटा सा कमरा किरिये पर लेकर अपनी खुद की कोचिंग रामानुजन स्कूल ऑफ़ मैथमैटिक्स (Ramanujan School Of Mathematics)  शुरुआत की।

शुरुआत तो उनहोंने 2 बच्चों को पढ़ने से की लेकिन उनकी क़ाबलियत की वजह से या अकड़ा 3 साल 500 के पार पहुँच गया, देखा जाए अभी तक तो आनंद कुमार के लिए सब कुछ ठीक चल रहा था लेकिन 3 अगस्त 1994   उनके देहांत हो  गया इस घटना ने उनके परिवार को सदमें में दाल दिया। फिर इसी बीच आनंद कुमार को कैंब्रिज यूनिवर्सिटी (Cambridge University) में एडमिशन मिल गया लेकिन दुर्भाग्य की वजह से पैसे न होने के कारण एडमिशन नहीं लिए।

सर्विस के दौरान उनके पिता की मृत्यु हो जाने से आनंद को अपने पिता की नौकरी मिल रही  बड़ा करने की सोच की वजह से आनंद कुमार ने ये नौकरी  नहीं की। 

एक समय तो ऐसा भी आया जब आनंद अपने माँ के बनाए हुए पापड़ को घर घर बेचने ले जाया  करते थे। समय बीतने के बाद से सन 2000 में एक गरीब छात्र आनंद कुमार के पास पढ़ने की गुहार लेकर लेकिन उस बच्चे के पास पैसे नहीं थे आनंद को  लिए, लेकिन वो IIT की तयारी करना चाहता था। तब इस  घटना ने  आनंद को अपने बचपन की याद दिला दी फिर गरीब बच्चों की मदद के लिए उनके दिमाग में super 30 का आईडिया आया और उसके बाद कुछ पैसा इकट्ठा करने के बाद 2002 में इस प्रोग्राम की शुरुआत कर दी।

सुपर 30 (Super 30) एक ऐसा प्रोग्राम है जिसके लिए साल के मई महीने में एंट्रेंस एग्जाम होता है जो की रामानुजन स्कूल ऑफ़ मैथमेटिक्स के द्वारा गरीब बच्चों के लिए कराया जाता है। फिर इसके रिजल्ट के हिसाब से गरीब बच्चों को इस प्रोग्राम के लिए चुन लिया जाता है और यहाँ पर आनंद कुमार उन गरीब बच्चों  के लिए पढ़ने  साथ  साथ खाने और रहने का भी इंतजाम करते है।  आनंद की माँ सुपर 30 के बच्चों के  लिए खाने बनाती है वही आनंद के भाई मैनेजमेंट सँभालते है।

Super 30 की लोकप्रिययता।

इस प्रोग्राम के पॉपुलर होने के बाद से कई सारे प्राइवेट और गवर्नमेंट संस्था ने हाथ बढ़ाए लेकिन आनंद कुमार ने कभी भी किसी से कोई हेल्प नहीं ली और super 30 का सारा खर्चा रामानुजन इंस्टिट्यूट की तरफ से उठाया जाता है।  आज Super 30 ना केवल भारत बल्कि दुनिया के कई हिस्सों में जाना जाता है। इसकी लोकप्रियता को देखते हुए डिस्कवरी (Discovery) चैनल ने सुपर 30 पर पुरे 1 घंटे की लम्बी डॉक्यूमेंट्रीबनाई।

इसके अलावा The NewYork Times जैसे कई अलग अलग इंटरनेशनल अख़बार में Super 30 की न्यूज़ छापी जा चुकी है।

 आनंद कुमार देश भर के IIT और IIM में लेक्चर देने के अलावा यूनिवर्सिटी ऑफ़ ब्रिटिश कोलंबिया (University Of British Colombia) टोक्यो यूनिवर्सिटी (Tokyo University) स्टैंडफोर्ड यूनिवर्सिटी (Standford University) में भी लेक्चर दे चुके है, साथ ही लिम्का बुक ऑफ़ रिकॉर्ड (Limca Book Of Record) में दर्ज है और उन्हे ग्लोबल अवार्ड्स जैसे कई अवार्ड्स मिल चुके है, दोस्तों ये सब Super 30 की लोकप्रियता दिखने के लिए काफ़ी है।

दोस्तों आनंद कुमार की लाइफ से इंस्पायर्ड होकर एक फिल्म भी रिलीज़ होने वाली है उसका नाम भी Super 30 है जिसमे Hrithik Roshan आनंद कुमार का किरदार निभा रहे है।

 

अंत में बस यही कहना चाहता हु अगर भारत में शिक्षा के स्तर को सुधारना है तो आनंद कुमार जैसे और भी शिक्षा चहिए उम्मीद है दोस्तों आपको आनंद कुमार और Super 30 के बारे में जानकर अच्छा लगा होगा आपका कीमती समय देने के लिए धन्यवाद।

 

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