Statue Of Unity facts And Earning in Hindi

 

 

statue of unity आज  सरदार वल्लभ भाई पटेल जी के बारे में बात करेंगे। आज सरदार वल्लभ पटेल जी  के लाइफ स्टोरी और उनके बारे में थोड़ा करीब से जानने की कोशिस करेंगे और साथ ही साथ  statue of unity के बारे में रोचक तथ्य भी जानेंगे, पटेल जी के बारे में पढ़ कर आपको अच्छा लगेगा तो चलिए शुरू करते है।

 

सरदार वल्लभ भाई पटेल जी का जन्म 31 अक्टूबर को गुजरात के नाडियाड में हुआ था उनके पिता का नाम झावेर भाई पटेल और माता का नाम लाडबा पटेल था। बताया जाता है पटेल जी बचपन से ही पढाई लिखाई में बहुत अच्छे थे। पटेल जी शुरआती पढाई गांव से की लेकिन उनके घर वाले उन्हे गैरजिम्मेदार लड़का मानते थे और   ताना सुनते सुनते परेशान थे और पटेल जी ने खुद से  वादा किया मैं बड़ा आदमी बनकर दिखाऊंगा इसलिए नौकरी करके थोड़े पैसे जमा किए और इंग्लैंड में law की पढाई की इसी बीच उनकी हालत ख़राब थी उनके पास किताब खरीदने के पैसे भी नहीं थे, पटेल जी अपने दोस्तों के किताब से पढ़ते। पढाई पूरी करने के बाद  बैरिस्टर बने जब वल्लभ भाई भारत आए  तब उनके माता पिता ने उनकी शादी झावेरबा से दी पटेल जी के दो बच्चें थे। Statue Of Unity

statue of unity
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1917 में वो चुनाव लाडे और जीते लेकिन उनके विचार  ब्रिटिश अफसर के विचारअलग अलग थे।  इसलिए राजनीति से दिलचस खत्म होने लगी  लेकिन उसी साल एक मीटिंग में उनकी मुलाकत महात्मा गाँधी से हुई और गाँधी जी से प्रभावित होकर आजादी के लड़ाई में शामिल हुए आगे चलकर इंडियन नेशनल कांग्रेस में उन्हें गुजरात का सेक्रेटरी बना दिया गया। Statue Of Unity

 और जब एक बार गुजरात में सूखा पड़ गया था तब भी ब्रिटिश सरकार ने कर वसूलना काम नहीं किया तब पटेल जी ने पूरी तरीके से किसान का साथ दिया और  कहा जाता है सूट बूट पहने वाले वल्लभ भाई देसी कपड़े  पहने लगे और सभी साथ मिलकर 1947 भारत को आजादी दिलाई और  लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल  जी ने 565 अलग अलग रियाशतों को एक हिंदुस्तान बनाया, 565 अलग राजाओं को एक साथ लाना जो की बहुत मुश्किल काम था।पटेल जी के मजबूत इरादों की वजह से लौह पुरुष कहा जाने लगा और साथ ही हर काम में आगे रहने के कारण उन्हे सरदार की उपाधि पहले ही मिल गई थी।

 

लोगो के लिए लड़ते लड़ते पटेल जी जिंदिगी की जंग हार गए और15 दिसंबर 1950 को   महाराष्ट्र के बिरला हाउस में दूसरी बार दिल का दौरा पड़ने से वल्लभ भाई का निधन हो गया। भारत सरकार ने 2014 में 31 अक्टूबर उनके जन्म दिवस को रष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनया जाए  और हाल में ही वल्लभ भाई की स्टेचू गुजरात में बनाई गयी जिसकी उचाई 182 मीटर है दुनिया की सबसे ऊंची स्टेचू है।

 

आज हम पटेल जी की स्टेचू के बारे में कुछ ख़ास, आश्चर्यजनक और कमाई के बारे  जानेंगे ।

 Statue Of Unity

 

  • पटेल जी स्टेचू बनाने के लिए “लोहा दान ” केम्पेन चलाया गया देश के अलग अलग हिस्से से लोहा माँगा गया था और उसे पिघला कर स्टेचू बनाया गया।

 

  • वल्लभ भाई के स्टेचू को बनाने के लिए 57 लाख किलोग्राम स्टील का इस्तेमाल और 18500 मैट्रिक टन छड़ का इस्तेमाल हुआ है।

 

  • statue of unity को बनाने में 2 करोड़ 25 लाख किलोग्राम सीमेंट का इस्तेमाल किया गया है। 

 

  • स्टेचू को इस तरह से डिजाइन किया गया है 60 मीटर/सेकंड और भूकंप को भी झेल सकता है। statue of unity

 

  • स्टेचू ऑफ़ यूनिटी ने टूरिस्ट को बहुत ज्यादा आकर्षित किया, दस दिन के अंदर 1 लाख लोग देखने आए और 2.1 करोड़ से ज्यादा की रकम भी इख्ठा हो गया।

 

  • दुनिया में जितनी स्टेचू बानी है statue of unity सबसे ऊंची स्टेचू है। अमेरिका के स्टेचू ऑफ़ लिबर्टी से करीब दुगनी है। statue of unity

यह भी पढ़े – Bollywood Facts In Hindi के बारे में रोचक तथ्य।

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#Narmada : 33,576 tourists visited #StatueOfUnity today,
earned Rs.33,62,860 (today – 10 Nov, 2018)
total 1,08,247 tourists reported in last 10 days,
Sardar Patel Rashtriya Ekta trust earned total Rs.2,10,47,325 in last 10 days.#Gujarat #Tv9News

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18:43 – 10 Nov 2018

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उम्मीद है वल्लभ भाई पटेल जी के बारे में यह जानकारी जानकर अच्छा लगा होगा अपना  किमिति समय देने के लिए धन्यवाद यदि कोई सुझाव हो तो निचे कमेंट जरूर करें।

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