कुम्भ मेला के बारे में रोचक तथ्य

पूरी दुनिया आयोजित होने  सबसे बड़े मेला में कुम्भ भी एक बहुत बड़ा नाम है। भारत से नहीं बल्कि पूरी दुनिया से करड़ो लोग कुम्भ का में स्नान करने आते है। हिंदुओ की सबसे बड़ा आस्था का केंद्र रहता है कुम्भ मेला। पारम्परिक रूप आस्था के केंद्र कुम्भ मेले का आयोजन पुर भारत के चार पवित्र स्थल  जाता है।

  1. प्रयागराज कुम्भ मेला
  2. हरिद्वार कुम्भ मेला
  3. नासिक कुम्भ मेला
  4. उज्जैन सिंहस्थ

 

 Kumbh Mela, Mahakumbh, कुम्भ मेला।    

इन सभी चारों पवित्र स्थल पर महाकुम्भ का आयोजन हर 12 साल में एक बार होता है। इस बार अर्धकुम्भ का आयोजन प्रयागराज में किया गया है जो 15 जनवरी से शुरू होकर 4 मार्च तक चलेगा। कुम्भ मेले का प्रमुख आकर्षण साधु-संत है और  साधु-संतो के 13 अखाड़े होते है, इस बार दो और अखाड़ों को मान्यता दी गयी है। किन्नर अखड़ा और नागा महिला साधु अखड़ा।  आज का पोस्ट हम सभी के लिए बहुत खास है आजके पोस्ट में हम कुम्भ के बारे के रोचक और आश्चर्यजनक तथ्य जानेंगे

कुम्भ के बारे में रोचक बातें।

कुम्भ की पौराणिक मान्यता

कुम्भ की पौराणिक मान्यता का इतिहास समुन्द्र मंथन से शुरू होता है। जब देवताओं और असुरों के बीच अमृत पाने के लिए समुन्द्र मंथन किया जा रहा था, जब समुंद्रमंथन से जब अमृत निकला तो उसे कुम्भ घड़े में रखा गया था। उस कुम्भ घड़े को पहले असुरों ने ले लिया लेकिन भगवान विष्णु स्वरूप के मोहिनी स्वरूप ने घड़े को ले लिया और वहा से भागने लगे भागते समय अमृत चार स्थानों पर गिरा वो स्थन पवित्र हो गया ठीक इन्हीं  कारण इन चारो पवित्र स्थान पर कुम्भ मेले का आयोजन होता है।

 

सबसे पहले ह्वेनसांग ने  कुम्भ मेले का जिक्र किया

 कुम्भ मेला (Kumbh Mela) कितने समय से चलते चला आ रहा है इसका कोई लिखित इतिहास तो नही ह  लेकिन चीन के यात्री  ह्वेनसांग जब भारत की यात्रा करने आए थे 644 ईस्वी में उनोहोनें  कुम्भ मेले के बारे में लिखा था। लेकिन तब इस मेले का नाम नहीं पड़ा था। चाहर गुलशन नमक पुस्तक में प्रयाग, नासिक और हरिद्वार के कुम्भ मेले का की बात अपने किताब में लिखा है।

ऐसा मन जाता है की कुम्भ में स्नान करने से इंसान के सरे पाप धूल जाते साथ ही साथ इंसान को मोक्ष भी प्राप्त होता है। स्वर्ग का रास्ता भी कुम्भ स्नान से मिलता है।

3 प्रकार के होते है कुम्भ मेले का स्नान

  • महाकुम्भ – 144 वर्ष में एक बार
  • अर्द्ध कुम्भ – हर 6 साल में आयोजित दो पूर्ण कुम्भ मेलो के बीच में  पड़ता है
  • पूर्ण कुम्भ, कुम्भ मेला – हर 12 सालो में आयोजित

 

 

महाकुम्भ मेला 

 महाकुम्भ हर 144 वर्ष में या या 12 पूर्ण कुम्भ के बाद आता है। ऐसा माना जाता है इंसान को अपने जीवनकाल में एक बार जरूर कुम्भ में स्नान जरूर करना चहिए।  महाकुम्भ 144 वर्ष बाद और महाकुम्भ हमेशा प्रयागराज में ही आयोजन किया जाता है। महाकुम्भ में करोड़ो लोग स्नान करते है, पुरानी मान्यता के अनुसार भगवान ब्रह्मा जी  ने  बार कहा था कि  जो भी लोग गंगा के पवित्र जल में स्नान या डुबकी लगयागा उस  मनुष्य सरे पाप धूल जाएगा । अभी हाल में 2013 में महाकुम्भ किया गया था  Kumbh Mela, Mahakumbh, कुम्भ मेला। 

 

 

कुम्भ मेला

ये कुम्भ मेला हर 12 साल बाद आयोजित होता रहता है, लोग इसे पूर्ण कुम्भ के नाम से भी जानते है इस कुम्भ मेले में भी करोडो लोग स्नान करके मोक्ष प्राप्त करने एते है।  Kumbh Mela, Mahakumbh, कुम्भ मेला। 

 

शाही स्नान

 Kumbh Mela, Mahakumbh, कुम्भ मेला।    

शाही स्नान शूरवात के रात्रि के तीसरे पहर से शुरू हो जाती, लाखों की संख्या में उपस्थित साधु-संत, सन्यासी और आखाड़ा परिषद वाले ही पहली डुबकी लगते है और श्रद्धालुओ का नंबर साधु लोगो के बाद आता है, कोनसा आखाड़ा पहले डुबकी लगाएगा और कौन बाद  में इसके लिए भी नियम भी निर्धारित किये जाते है।  Kumbh Mela, Mahakumbh, कुम्भ मेला। 

 

6 शाही स्नान

कुम्भ मेले का आयोजन लगभग 2 माह तक चलता है इसमें 6 अलग अलग शाही स्नान होते है और सभी स्नान की तारीख तय होती है :

 

  • 15 जनवरी – मकर सक्रांति
  • 21 जनवरी – पौष पूर्णिमा
  • 4 फरवरी – मौनी अमावस्या
  • 10 फरवरी – बसंत पंचमी
  • 19 फरवरी – माघी पूर्णिमा
  • 04 मार्च – महाशिवरात्रि

 

पाँच सितारा टेंट

 

इस बार श्रद्धालुओ बहुत खास धयान रखा जा रहा है, द्धालुओ की सुविधा के लिए पांच सितारा  होटल की सारी सुविधाएं एक टेंट में दी गई है, उस लग्जरी टेंट के अंदर  आपको सोफे से लेकर WiFi, बाथरूम, बैडरूम जैसी कई अन्य लग्जरी सुविधाएं दी गयी है।  इस लग्जरी टेंट हाउस को आप रेंट पर भी ले सकते है, इसकाएक दिन का  किराया 12 हजार से लेकर 35 हजार तक है।  Kumbh Mela, Mahakumbh, कुम्भ मेला। 

 

 

कुम्भ मेला हम सभी हिन्दू के लिए एक आस्था का केंद्र है और उत्तर प्रदेश सरकार ने भी आयोजन के लिए बहुत मेहनत की कड़े सुरक्षा के इन्तेजान है, कई टेम्पेरोरी पुलिस स्टेशन भी बनाये, अलग-आलग सेक्टरों में बाट दिया गया सुरक्षा के लिए, हेलीकाप्टर से फूल बरसाए जा रहे है, हो सके तो इस बार के कुम्भ में जरूर जाए और आस्था की डुबकी लगाए उम्मीद है आपको कुम्भ के बारे में रोचक तथ्य पढ़ कर अच्छा लगा होगा अगर अच्छालगा तो इसे अपनों के साथ शेयर करे यदि आपका कोई समस्या या सुझाव हो तो निचे कमेंट जरूर  करे। Kumbh Mela, Mahakumbh, कुम्भ मेला। 

 

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