मनोहर परिकर जी के बारे में रोचक तथ्य

डॉ. मनोहर परिकर जी का जन्म 13 दिसंबर 1955 में गोवा के मापुसा में हुआ था। उनका पूरा नाम ‘मनोहर गोपालकृष्‍ण प्रभु पर्रीकर’ था। उनकी शुरुआती शिक्षा मारगांव से हुई थी।आगे की पढ़ाई की उनहोंने आई.आई.टी (IIT) मुंबई से इंजीनियरिंग की। 1978 में ग्रेजुएशन पूरी की, पर्रिकर जी के दो बेटे है। उनका नाम उत्पल और अभिजात है। अभिजात गोवा में अपना  बिज़नेस करते है। उत्पल ने अमेरिका से इंजीनियरिंग की है। मनोहर पर्रिकर जी भारत के पहले ऐसे मुख्यमंत्री थे जिनहोंने IIT से ग्रेजुएशन की थी और दूसरे अरविन्द केजरीवाल है।  

मनोहर पर्रिकर की मृत्यु कैसे हुई

मनोहर पर्रिकर जी ने राजनीत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रचारक से शुरुआत  की  और बाद में गोवा के मुख्यमंत्री और फिर देश के रक्षा मंत्री बने। मनोहर जी अपने स्कूल  अंतिम की दिनों में ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ गए थे, और विहा पर ‘मुख्य शिक्षक बन गए थे।  उनकी छवि एक सीधे सादे और सामान्य नेता की रही, वो ज्यादातर अपने स्कूटर से चलते थे। 63 वर्ष के मनोहर पर्रिकर गोवा के 3 बार मुख्यमंत्री के पद पर रहे, बीच में मोदी की के मंत्री मंडल में रक्षा मंत्री के पद पे 3 साल तक की सेवा दी।

2016 में हुए सर्जिकल स्ट्राइक का श्रेय पर्रिकर जी और सेना को जाता है। वो पहली बार 24 अक्टूबर 2000 में गोवा के मुख्यमंत्री बने।और फिर दूसरी बार 2007 में   वापस से मुख्यमंत्री बने और तीसरी बार 2017 में वो मुख्यमंत्री बने। फ़रवरी 2108 के बाद से पर्रिकर जी की तबियत ज्यादा ख़राब रहे लगी थी। तब उन्हें अग्नाशय संबंधी बीमारी के उपचार के लिए मुंबई के लीलावती अस्पताल में एडमिट कराया गया था और फिर मार्च के पहले सप्ताह में अपने इलाज के लिए अमेरिका चले गए और जून तक वह के हॉस्पिटल में भर्ती थे।

 

अमेरिका से लौटने के बाद पर्रिकर जी ने अपना कार्यभाल फिर से संभाला और 12 दिन के संसद सत्र में शामिल भी रहे और उनहोंने इस दौरान  कई बार भाषण भी दिए। पर्रिकर जी की पानी का नाम मेधा था जिनकी मृत्यु 2001 में कैंसर की वजह से हुई और  इसी बीमारी के चलते पर्रिकर जी का देहांत 17 मार्च 2019 को हो गया जो की बहुत दुःखद घटना है। उनहोंने ने जिंदिगी की जंग तो जीत ली लेकिन इस बीमारी की जंग में हार गए हम सब का साथ छोड़ कर चले गए हमे उनकी जरुरत है और हमेशा रहेगी।

मनोहर पर्रिकर जी के बारे में रोचक तथ्य

  • पर्रिकर जी भारत के राज्य के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बने जिनहोंने IIT से ग्रेजुएशन पूरी की थी।

 

  • पर्रिकर जी धूम्रपान और शराब जैसी चीज़ को कभी हाथ नहीं लगाया।

 

  • पर्रिकर जी मुख्यमंत्री बनने के बाद भी एक साधारण इंसान की तरह स्कूटर से जाना ही पसंद करते थे और कभी कभी सार्वजानिक परिवहन का भी इस्तेमाल करते थे। इससे उनकी सादगी पता चल जाता है।

 

  • मनोहर पर्रिकर जी को “स्कूटर वाले सी.एम के नाम से जाने  जाते  थे । और किसी के बारे में कभी ऐसा सुना है अपने ??

 

  • वो किसी भी होटल से नाश्ता करना पसंद नहीं करते उन्हें सड़क के किनारे वाले फुटपात पर चाय पीते और नाश्ता किया करते थे। किसी और के बारे में ऐसा सुना ? हमारे देश कोई भी छोटी सी नौकरी करने वाला 5 स्टार होटल में जाना पसंद करता है और यहाँ पर एक सी.एम फुटपर।

 

  • पर्रिकर जी को दिल्ली जाना पसंद नहीं था, मोदी जी के बुलाने पर वो दिल्ली गए।

 

  • उन्हें गाड़ी में लगा हूटर पसंद नहीं था वो चाहते थे किसी भी गाड़ी में हूटर न लगा हो।

 

  • किसी के शादी में जाते तो वो आम इंसान की तरह लाइन में लग कर भोजन करते थे ये उनकी सादगी को दिखता है। 

 

उम्मीद है ये पोस्ट पढ़ कर आपको मनोहर पर्रिकर जी के बारे में जानकारी मिलेगी, पर्रिकर जी तो अब हमारे बीच नहीं रहे लेकिन वो हमरे दिलों में हमेशा रहेंगे, उनकी सादगी, ईमनदारी, शांत वक्तित्व सभी को पसंद आता है। सायद हो कोई ऐसा होगा जो मुख्यमंत्री होने के बाद सड़क किनेरे चाय पिता और स्कूटर से ऑफिस जाना ये उनकी सादगी ही तो है। सर आप जैसे लोग की जरुरत है आप क्यों छोड़ क्यों चले गए। भगवान पर्रिकर जी की आत्मा को शांति दे।  रेस्ट इन पीस (RIP) .

 

 

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